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Showing posts from September, 2021

सयद अहमद अरशद मदनी साहब (दारुल उलूम देवबंद)

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सयद अहमद अरशद मदनी साहब  सयद अहमद अरशद मदनी अरशद मदनी (जन्म 1941 में) एक भारतीय मुस्लिम विद्वान और दारुल उलूम देवबंद के वर्तमान प्रधानाचार्य हैं। उन्होंने जमीयत उलमा-ए-हिंद के आठवें अध्यक्ष के रूप में असद मदनी का स्थान लिया। जमीयत 2008 के आसपास दोो भागों मेे विभाजित हो गया, और अरशद मदनी अपने अरशद गुट के अध्यक्ष के रूप में काम करना जारी रखता है। 1st President of Jamiat Ulama-e-Hind's Arshad Faction Incumbent Assumed office 4 April 2008 Preceded by।            "office established"                        11th Principal, Darul Uloom Deoband Preceded by                        Saeed Ahmad Palanpuri                    8th President of Jamiat Ulama-e-Hind In office                     8 February 2006 – 6 March 2008 Preceded by Asad Madani Succ...

विश्व हृदय दिवस । के अवसर पर हृदय से जुड़ी बीमारी तथा उससे स्वास्थ्य रहने के लिए एक प्रयास

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 विश्व हृदय दिवस'  सारे विश्व में मनाया जाता है। दिल से जुड़ी बीमारियों तथा उसे स्वस्थ्य रखने के सम्बंध में ही इस दिवस को मनाया जाता है। तिथि 29 सितम्बर शुरुआत वर्ष 2000 से उद्देश्य हृदय रोग पूरे विश्व में आज एक गंभीर समस्या हैं। हर साल 'विश्व हृदय दिवस' के माध्यम से पूरे विश्व के लोगों में इसके बारे में जागरूकता फैलाई जाती है। हृदय रोग के कारण निष्क्रिय जीवन शैली, अत्यधिक तनाव, हाइपरटेंशन, मधुमेह, अधिक धूम्रपान, मोटापा, वसायुक्त भोजन। ऐसे लोगों को अधिक ख़तरा होता है, जिनका कोलेस्ट्रोल, ट्राईग्लिसराइड और वीएलडीएल, एलडीएल अधिक होता है। अन्य जानकारी हृदय के साथ होने वाली छेड़छाड़ का ही नतीजा है कि आज विश्व भर में हृदय रोगियों की संख्या बढ़ गई है। एक अनुमान के अनुसार, भारत में 10.2 करोड़ लोग इस बीमारी की चपेट में हैं। विश्व हृदय दिवस (अंग्रेज़ी: World Heart Day) प्रत्येक वर्ष '29 सितम्बर' को मनाया जाता है। अव्यवस्थित जीवन शैली और असंतुलित खानपान के चलते दुनिया भर में हृदय रोग के पीड़ितों की संख्या तेज़ीसे बढ़ी है। भागती-दौड़ती जिंदगी में लोगों को अपने स्वास्थ्य की ओर ध...

हज़रत मुहम्मद क़ासिम नानोत्वी दारुल उलूम देवबंद के संस्थापक सदस्य(जीवनी)

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 मुहम्मद क़ासिम नानोत्वी (1833-1880) एक इस्लामी विद्वान थे और मुख्य रूप से देवबंद आंदोलन की स्थापना के लिए जिम्मेदार थे। नानोत्वी का जन्म 1833 में भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के पास एक गांव नानोता में सिद्दीकी परिवार में हुआ। मुहम्मद क़ासिम नानोत्वी जन्म                 1833 मृत्यु                  1880 उन्का यह अटूट इरादा था कि एक इस्लामी धार्मिक मदरसा स्थापित करें, इस इरादे से वह दारुल उलूम देवबंद स्थापित करने के लिए सहरानपुर चले गए। वह शरिया और सुन्नत के अनुरूप थे और अन्य लोगों को ऐसा करने के लिए प्रेरित करने का काम भी किया करते थे। यह उनके काम के माध्यम से था कि देवबंद में एक प्रमुख मदरसा स्थापित किया गया था और एक मस्जिद भी बनाई गई थी। अपने प्रयासों के माध्यम से, इस्लामी स्कूलों की स्थापना कई अन्य स्थानों पर भी की गई। [शिक्षा ]  उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने जन्म स्थल नगर में पूरी की और फिर उन्हें देवबंद भेजा गया, जहां उन्होंने मौलवी महताब अली के मदरसे में अध्ययन किया...

भगत सिंह एक महान विद्वान क्रांतिकारी सैनिक

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 भगत सिंह (जन्म: 28 सितम्बर 1907 , मृत्यु: 23 मार्च 1931) भारत के एक महान स्वतंत्रता सेनानी क्रांतिकारी थे। चन्द्रशेखर आजाद व पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर इन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अभूतपूर्व साहस के साथ शक्तिशाली ब्रिटिश सरकार का मुक़ाबला किया। पहले लाहौर में बर्नी सैंडर्स की हत्या और उसके बाद दिल्ली की केन्द्रीय संसद (central असेम्बली) में बम-विस्फोट करके ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध खुले विद्रोह को बुलन्दी प्रदान की। इन्होंने असेम्बली में बम फेंककर भी भागने से मना कर दिया। जिसके फलस्वरूप अंग्रेज सरकार ने इन्हें २३ मार्च १९३१ को इनके दो अन्य साथियों, राजगुरु तथा सुखदेव के साथ फाँसी पर लटका दिया गया। जन्म और परिवेश संपादित करें भगत सिंह का जन्म 24 सितंबर 1906 (अश्विन कृष्णपक्ष सप्तमी) को प्रचलित है परन्तु तत्कालीन अनेक साक्ष्यों के अनुसार उनका जन्म 19 अक्टूबर 1907 ई० को एक  सिख  परिवार में हुआ था। [a]  उनके पिता का नाम सरदार किशन सिंह और माता का नाम  विद्यावती कौर  था। यह एक किसान [9]  परिवार से थे।  अमृतसर  में १३ अप्रैल १९१९...