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Showing posts from October 8, 2021

जब यात्रियों से भरी ट्रेन सुरंग के अंदर जाकर हो गई गायब, आज भी है एक अनसुलझा रहस्य ।

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जब यात्रियों से भरी ट्रेन सुरंग के अंदर जाकर हो गई गायब, आज भी है एक अनसुलझा रहस्य। इटली के रोमन स्टेशन से साल 1911 को निकली पैसेंजर ट्रेन अचानक से सुरंग में जाती ही गायब हो जाती है. फिर बाद में साल 1926 की एक रिपोर्ट में पता चलता है कि 104 इटालियंस ना जाने कैसे मेक्सिको  आ गए.। इटली .  ट्रेन और प्लेटफार्म के रहस्यों से कई कहानी हैं जो लोगों को रोमांचित करती हैं. लेकिन एक कहानी ऐसी है जिसे बारे में काफी कम लोग ही जानते हैं. बताया जाता है कि साल 1911 में एक ट्रेन जिसमें 3 बोगियां लगी हुई थी और उसमें 106 यात्री सवार थे, वो एक सुरंग (Tunnel) में जाने के बाद अचानक से गायब हो गई थी. बताया जाता है कि साल 1911 में गर्मियों में तीन बागियों वाली एक ट्रेन (Train) जिसे "ज़ानेटी" कहा जाता है, वो रोमन स्टेशन से निकली थी और उसे लोम्बार्ड में पहाड़ी सुरंग से गुज़रना था, लेकिन सुरंग में घुसते ही यह यात्रियों के साथ गायब हो गई. 106 यात्रियों में से केवल 2 बचने में सफल हुए. कहा जता है कि वो दुर्घटना के ऐन पहले ट्रेन से कूद गए थे, उन्होंने जो सभी लोगों को ट्रेन के गायब होने की जानकारी दी थी, उस...

मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी पर गरमाई यूपी की सियासत ।

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मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी पर गरमाई यूपी की सियासत । उत्तर प्रदेश एटीएस ने अवैध धर्मांतरण (कलमा ए शहादत की दावत देना) मामले में मुजफ्फरनगर के मौलाना कलीम सिद्दीकी को मेरठ से गिरफ्तार किया है। उन्हें गिरफ्तार करके लखनऊ लाया गया है। दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान, समाजवादी पार्टी से सांसद शफीकुर रहमान बरक और सहारनपुर से बीएसपी सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने इसे लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है। लखनऊ इस्लामी विद्वान मौलाना कलीम सिद्दीकी को आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) की एक टीम ने गिरफ्तार किया है। फुलत के मौलाना कलीम सिद्दीकी का इस्लामिक विद्वानों में बड़ा नाम है। सिद्दीकी इस महीने 7 सितंबर को मुंबई में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के की तरफ से आयोजित राष्ट्र प्रथम और राष्ट्र सर्वोपरि कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने गुरुवार को लखनऊ में बताया कि मौलाना कलीम सिद्दीकी के खिलाफ अवैध रूप से धर्मांतरण में लिप्त होने के तथ्यों का पता चला है। आरोप है कि उन्हें धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंडिंग की गई। अब मौलाना की गिरफ्तारी को लेकर सियासत शुरू हो गई ...

वह तंजानियाई लेखक जिन्हें मिलेगा इस वर्ष का साहित्य का नोबेल पुरस्कार :अब्दुल रजाक़ गुरनाह

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वह तंजानियाई लेखक जिन्हें मिलेगा इस वर्ष का साहित्य का नोबेल पुरस्कार :अब्दुल रजाक़ गुरनाह। उनके लिए स्वीडिश एकेडमी ने कहा कि ‘‘उपनिवेशवाद के प्रभावों को बिना समझौता किये और करुणा के साथ समझने’’ में उनके योगदान के लिए पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है। जांजीबार में जन्मे और इंग्लैंड में रहने वाले गुरनाह यूनिवर्सिटी ऑफ केंट में प्रोफेसर हैं। अब्दुलराजाक गुरनाह का जन्म 1948 ज़ांज़ीबार (तंजानिया) में हुआ था। वह अंग्रेजी में लिखते हैं और यूनाइटेड किंगडम में रहते हैं। उनके उपन्यासों में सबसे प्रसिद्ध हैं पैराडाइज (1994), जिसे बुकर और व्हाइटब्रेड पुरस्कार, डेजर्टन (2005) और बाय द सी (2001) दोनों के लिए चुना गया था, जिसे बुकर के लिए लंबे समय से सूचीबद्ध किया गया था और लॉस एंजिल्स टाइम्स के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। उनके उपन्यास ‘पैराडाइज’ को 1994 में बुकर पुरस्कार के लिए चयनित किया गया था। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के तहत एक स्वर्ण पदक और एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग 11.4 लाख डॉलर राशि) प्रदान की जाएगी। पूर्वी अफ्रीका के तट से दूर ज़ांज़ीबार द्वीप पर जन्मे गुरनाह 1968 में एक छात्र के रूप में ब्र...