जंग ए आजादी के इतिहास में मुसलमानों की कुर्बानी
M J Khan कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौरे जहां हमारा अशफाक उल्ला खां जंग ए आजादी (1833,1857,1947) में मुसलमानों की भुमिका। जंग ए आजादी में मुसलमानों ने जो कुरबानी दी थी उनको इतिहास ने भुला दिया मगर हमने भी भुला दिया है भारतीय राष्ट्र राज्य के निर्माण में हिंदुओं के साथ मुसलमानों का भी योगदान रहा है। मुगलों के आने के बाद भारतीय राष्ट्र का वह स्वरूप नहीं रहा जो प्राचीन काल में था। मुल्क की संस्कृति एवं सभ्यता के स्वरूप में भी बदलाव आए और एक साझी संस्कृति का निर्माण हुआ। जंगे-आजादी में केवल हिंदुओं ने ही नहीं बल्कि मुसलमानों ने भी अपनी कुर्बानियां दीं। लेकिन आज कुछ दक्षिण पंथी ताकतें विशेषकर टीवी चैनल मुसलमानों को गद्दार और देशद्रोही सिद्ध करने पर तुले हैं। शायद लोगों ने आजादी के इतिहास को ठीक स...