Posts

Showing posts from October 11, 2021

दंगल गर्ल' जायरा वसीम ने इस्लाम की राह पर चलने के लिए बॉलीवुड में मिली शोहरत को झूठी चमक-दमक मानते हुए इससे नाता तोड़ लिया है.

Image
                            हमको अगर थोड़ी भ  शोहरत मिलजाए तो किियाा किियाा करदेेेतेे हैं।    ' जायरा वसीम ने इस्लाम की राह पर चलने के लिए बॉलीवुड में मिली शोहरत को झूठी चमक-दमक मानते हुए इससे नाता तोड़ लिया है. बॉलीवुड में काम करने के लिए जहां हजारों लोग हर वक्त मुंबई की सड़कों की खाक छानते रहते हैं. वहीं 'दंगल गर्ल' जायरा वसीम ने इस्लाम की राह पर चलने के लिए बॉलीवुड में मिली शोहरत को झूठी चमक-दमक मानते हुए इससे नाता तोड़ लिया है. जायरा वसीम ने 2019 में बॉलीवुड को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था. सिर्फ यही नहीं, उन्होंने सोशल मीडिया से अपने सारे फोटो भी डिलीट कर दिए थे, लेकिन अब लगभग 2 साल के बाद जायरा वसीम ने अपनी पहली तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है. इस तस्वीर को देख कर साफ पता चला रहा है कि जायरा पूरी तरह इस्लाम के रंग में डूब चूकी हैं. उनकी जिंदगी का हर कदम इस्लाम के बताये रास्ते के मुताबिक उठता है. जायरा की नई तस्वीर में उनका चेहरा तक दिखाई नहीं दे रहा है, क्योंकि उन्होंने बुर्का पहन रखा है. बुर्क...

साहित्य के नोबेल विजेता, अपने सम्मान को 'मजाक' समझ बैठे जब फोन आया तब किचन में थे साहित्य के नोबेल विजेता, अब्दुलरजाक गुरनाह।

Image
साहित्य के नोबेल विजेता, अपने सम्मान को 'मजाक' समझ बैठे जब फोन आया तब किचन में थे साहित्य के नोबेल विजेता, अब्दुलरजाक गुरनाह। Nobel Prize 2021:  साहित्य में नोबेल पुरस्कार विजेता अब्दुलराजाक गुरनाह ने दस उपन्यास और कई लघु कथाएं प्रकाशित की हैं। उनकी लेखनी में शरणार्थी की समस्याएं प्रधान रही हैं। उन्होंने अंग्रेजी में 21 वर्ष की उम्र से लिखना शुरू किया, हालांकि शुरुआत में उनकी लिखने की भाषा स्वाहिली थी। साहित्य के क्षेत्र में अपना अभूतपूर्व योगदान देने वाले तंजानियाई लेखक अब्दुलरजाक गुरनाह एक इंटरव्यू में कहते हैं।   कहते हैं कि मेरे लिए गुरुवार का दिन एक आम दिन था। में अपनी किचन में था और संभवतः खाना पका रहा था  अचानक एक फोन आता है और दूसरी तरफ से मुझे 2021 का 'नोबेल साहित्य पुरस्कार' मिलने की सूचना और बधाई दी जाती है। अपनी अतिसामान्य दिनचर्या में व्यस्त गुरनाह कहते हैं कि मुझे लगा कोई उनसे मजाक कर रहा है। हालांकि कुछ देर बाद जब औपचारिकताएं शुरू हुईं तब जाकर मुझे अपने 'सम्मान' पर भरोसा हुआ। उन्होंने कहा कि वह पुरस्कार के लिए चुने जाने पर सम्मानित महसूस कर रहे है...