साहित्य के नोबेल विजेता, अपने सम्मान को 'मजाक' समझ बैठे जब फोन आया तब किचन में थे साहित्य के नोबेल विजेता, अब्दुलरजाक गुरनाह।

साहित्य के नोबेल विजेता, अपने सम्मान को 'मजाक' समझ बैठे जब फोन आया तब किचन में थे साहित्य के नोबेल विजेता, अब्दुलरजाक गुरनाह।

Nobel Prize 2021: 

साहित्य में नोबेल पुरस्कार विजेता अब्दुलराजाक गुरनाह ने दस उपन्यास और कई लघु कथाएं प्रकाशित की हैं। उनकी लेखनी में शरणार्थी की समस्याएं प्रधान रही हैं। उन्होंने अंग्रेजी में 21 वर्ष की उम्र से लिखना शुरू किया, हालांकि शुरुआत में उनकी लिखने की भाषा स्वाहिली थी।

साहित्य के क्षेत्र में अपना अभूतपूर्व योगदान देने वाले तंजानियाई लेखक अब्दुलरजाक गुरनाह एक इंटरव्यू में कहते हैं।


 कहते हैं कि मेरे लिए गुरुवार का दिन एक आम दिन था। में अपनी किचन में था और संभवतः खाना पका रहा था  अचानक एक फोन आता है और दूसरी तरफ से मुझे 2021 का 'नोबेल साहित्य पुरस्कार' मिलने की सूचना और बधाई दी जाती है। अपनी अतिसामान्य दिनचर्या में व्यस्त गुरनाह कहते हैं कि मुझे लगा कोई उनसे मजाक कर रहा है। हालांकि कुछ देर बाद जब औपचारिकताएं शुरू हुईं तब जाकर मुझे अपने 'सम्मान' पर भरोसा हुआ।

उन्होंने कहा कि वह पुरस्कार के लिए चुने जाने पर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। गुरनाह ने कहा कि उन्होंने अपने लेखन में विस्थापन तथा प्रवासन के जिन विषयों को खंगाला, वे हर रोज सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि वह 1960 के दशक में विस्थापित होकर ब्रिटेन आए थे और आज यह चीज पहले से ज्यादा दिखाई देती है। उन्होंने कहा, 'दुनियाभर में लोग मर रहे हैं, घायल हो रहे हैं। हमें इन मुद्दों से अत्यंत करुणा के साथ निपटना चाहिए।


ब्रिटेन में रहने वाले तंजानियाई लेखक अब्दुलरजाक गुरनाह का नाम गुरुवार को इस साल के साहित्य के नोबेल पुरस्कार के विजेता के रूप में घोषित किया गया। स्वीडिश एकेडमी ने कहा कि 'उपनिवेशवाद के प्रभावों को बिना समझौता किए और करुणा के साथ समझने' में उनके योगदान के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है। गुरनाह 1993 के बाद यह पुरस्कार जीतने वाले पहले अश्वेत हैं। 1993 में टोनी मॉरिसन ने यह खिताब अपने नाम किया था।

Comments

Popular posts from this blog

दंगल गर्ल' जायरा वसीम ने इस्लाम की राह पर चलने के लिए बॉलीवुड में मिली शोहरत को झूठी चमक-दमक मानते हुए इससे नाता तोड़ लिया है.

जंग ए आजादी के इतिहास में मुसलमानों की कुर्बानी

शकीला शेख - कागज के टुकड़ों, अखबार के पन्नों और कार्ड बोर्ड से खेलने वाली एक लड़की अपने हुनर से कैसे जर्मनी, फ्रांस, नॉर्वे और अमेरिका तक पहुंच गई।

पैगंबर मोहम्मद शलल्लाहु अलैहि वा शल्लम का विवादित कार्टून बनाने वाले लार्स विल्क्स भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत

बतख मियां के गांधी !

अबुल कलाम आजाद एक भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता, इस्लामी धर्मशास्त्री, लेखक और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता थे।

डाक्टर हसन कामेल अल-सबाह ना होते तो शायद दुनिया आज सोलर सेल से अनजान रहती इस अजीम शख्स को जैसे अरब का एडीसन भी कहा जाता है.।