डाक्टर हसन कामेल अल-सबाह ना होते तो शायद दुनिया आज सोलर सेल से अनजान रहती इस अजीम शख्स को जैसे अरब का एडीसन भी कहा जाता है.।
डाक्टर हसन कामिल अल-सबाह ।
अगस्त, 1894 - मार्च, 1935) एक लेबनानी इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स अनुसंधान इंजीनियर, गणितज्ञ और आविष्कारक थे।
लेबनान से ताल्लुक रखने वाला अज़ीम मुस्लिम वैज्ञानिक डाक्टर हसन कामिल अल-सबाह ने 1930 के अंदर सोलर सेल की इब्तिदाई इन्वेंशन की जिस का जदीद शक्ल हम दुनिया भर के अंदर सोलर पैनल की शक्ल में देख सकते हैं. याने के वो इलेक्ट्रिक सेल ईजाद न करते तो आज हमें जो मशीन (space) के अंदर दिखाई देते हैं वो भला कैसे काम करते क्योंकि ये मशीन अपने उपर लगे सोलर पैनल से सुरज के जरिए इलेक्ट्रिसिटी हासिल करती है.
इन्होंने ही लिक्वाईड क्रिस्टल का नज़रिया पेश किया जो के आज हमारे हर एक टिव्ही सेट, लैपटॉप या मोबाईल वगैराह की स्क्रीन है.
उन का बनाया गया वेल्डिंग का तरीका आज भी हैवी इंडस्ट्रीज के अंदर इस्तेमाल होता है.
लेकिन इस अजीम शख्स को जैसे अरब का एडीसन भी कहा जाता है. इन्हें अमेरिका के अंदर एक रोड आक्सीडेंट में प्लानिंग के साथ मारा गया. किसी शख्स ने जान बुझकर इसकी गाड़ी को टक्कर मार कर खाई में गिरा दिया और वो शख्स आज तक नहीं पकड़ा गया.
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